CM योगी के ‘लातों का भूत’ वाले बयान पर अखिलेश यादव का तंज –बोले, ‘अगली बार बूथ उतारेगा भूत’
AKhilesh Yadav
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों कांवड़ यात्रा और मुहर्रम को लेकर गरमागर्म बहस छिड़ी हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिया गया “लातों का भूत” वाला बयान अब राजनीतिक तकरार का नया मुद्दा बन गया है।
नई दिल्ली, पंचखबर डेस्क। उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों कांवड़ यात्रा और मुहर्रम को लेकर गरमागर्म बहस छिड़ी हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिया गया “लातों का भूत” वाला बयान अब राजनीतिक तकरार का नया मुद्दा बन गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि अगली बार भूत को ‘बूथ’ उतारेगा।
क्या कहा था सीएम योगी ने?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि जौनपुर में मुहर्रम के दौरान ऊंचे ताजिये की वजह से दुर्घटना हो गई, जबकि पहले ही तय ऊंचाई के निर्देश दिए गए थे। लोगों ने विरोध किया, सड़क जाम की। पुलिस ने मुझसे पूछा तो मैंने कहा – लाठी चलाओ, ये ‘लातों के भूत’ हैं, बातों से नहीं मानेंगे। सीएम योगी का यह बयान सोशल मीडिया और विपक्ष के निशाने पर आ गया।
अखिलेश यादव का तीखा पलटवार
सीएम योगी के बयान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए तंज कसते हुए एक्स पर लिखा अगली बार कुछ लोगों का भूत ‘बूथ’ उतारेगा… और कुछ नहीं कहना है। इसके साथ ही उन्होंने एक और पोस्ट में कहा कि लोकतंत्र में पक्षपात सरकार का सबसे बड़ा दुर्गुण होता है। अखिलेश यादव ने यह भी इशारा किया कि बीजेपी की सरकार धार्मिक मामलों में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही है और ये लोकतंत्र के लिए घातक है।
क्या है पूरा विवाद?
जौनपुर में मुहर्रम के दौरान एक ऊंचा ताजिया हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया, जिससे दुर्घटना हो गई। सीएम योगी ने कहा कि पूर्व में निर्देश दिए गए थे कि ताजिये की ऊंचाई सीमित रखी जाए, लेकिन नियमों की अनदेखी हुई। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जताया, जिस पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। कई विपक्षी दलों ने सीएम योगी के इस बयान को धार्मिक भेदभाव और एकपक्षीय कार्रवाई करार दिया है। उनका कहना है कि सरकार कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाले उत्पात को नजरअंदाज कर रही है जबकि मुहर्रम या अन्य अल्पसंख्यक धार्मिक आयोजनों पर सख्ती की जा रही है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के बीच चल रही यह राजनीतिक बयानबाज़ी अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए धार्मिक और चुनावी विमर्श का रूप लेती दिख रही है। आने वाले विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा एक बार फिर से सत्ता और विपक्ष के बीच बहस का केंद्र बन सकता है।
