एड्रेस डालते ही कैसे बता देता है Google Map सफर का वक्त और ट्रैफिक? जानिए कैसे लगाता है हिसाब?

0
Google Maps

Google Maps

आज के जमाने में गूगल मैप हर किसी के फोन में होता है और हम सब इसका इस्तेमाल करते हैं, रास्ता जानने के लिए, ट्रैफिक की स्थिति देखने के लिए या फिर किसी फूड डिलीवरी बॉय को सही लोकेशन भेजने के लिए।

नई दिल्ली, पंचखबर डेस्क। आज के जमाने में गूगल मैप हर किसी के फोन में होता है और हम सब इसका इस्तेमाल करते हैं – रास्ता जानने के लिए, ट्रैफिक की स्थिति देखने के लिए या फिर किसी फूड डिलीवरी बॉय को सही लोकेशन भेजने के लिए। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जैसे ही हम एड्रेस डालते हैं, गूगल कैसे बता देता है कि कितनी देर में पहुंचेंगे और रास्ते में ट्रैफिक है या नहीं?

गूगल को कैसे पता चलता है कि ट्रैफिक कहां है?

गूगल जब भी आपसे कोई रूट दिखाता है, वह सबसे पहले आपकी लोकेशन, दिशा और स्पीड का पता लगाता है। ये जानकारी उसे आपके फोन के GPS (Global Positioning System) से मिलती है। अगर किसी एक रास्ते पर हजारों मोबाइल फोन स्लो स्पीड से चल रहे हैं तो गूगल तुरंत समझ जाता है कि उस रास्ते पर ट्रैफिक है।

इसके अलावा, गूगल के पास पुराना डेटा भी होता है जैसे कि ऑफिस टाइम में किस रूट पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है वीकेंड या त्योहारों के दौरान कौन-से रास्ते जाम होते हैं किस इलाके में सड़कें अक्सर ब्लॉक रहती हैं ये सब डेटा गूगल की AI और एल्गोरिद्म की मदद से प्रोसेस होते हैं और रियल टाइम ट्रैफिक की स्थिति आपके सामने रख दी जाती है।

रास्ता चुनने में भी एक्सपर्ट है गूगल

जब आप किसी जगह का नाम डालते हैं, तो गूगल एक नहीं, कई रूट दिखाता है। इनमें से जो रूट सबसे कम समय में पहुंचाता है, वह Fastest Route कहलाता है। गूगल यह तय करता है: कहां ट्रैफिक कम है किस रास्ते पर रेड लाइट ज्यादा हैं कहां कोई हादसा या ब्लॉकेज तो नहीं है यह सब जानकारी गूगल आपको रीयल टाइम में दिखाता है, जिससे आप सही फैसला ले सकें कि किस रास्ते से जाना बेहतर होगा।

क्या गूगल आपकी जासूसी करता है?

ये सवाल कई बार उठता है कि क्या गूगल आपकी प्राइवेसी में दखल दे रहा है? तो इसका जवाब है – नहीं। गूगल आपके बारे में नहीं, बल्कि अनाम (anonymous) डेटा देखता है। गूगल यह नहीं जानता कि “अमित यादव” कहां जा रहे हैं, बल्कि वह ये देखता है कि एक जगह से बहुत सारे डिवाइस एक साथ धीमी स्पीड से आगे बढ़ रहे हैं। इसी से उसे पता चलता है कि ट्रैफिक है। गूगल मैप्स हमारे सफर को आसान और स्मार्ट बनाता है। यह न सिर्फ ट्रैफिक की जानकारी देता है बल्कि सबसे बेहतर और तेज रास्ता भी सुझाता है। तो अगली बार जब आप गूगल मैप खोलें, तो जान लें कि इसके पीछे टेक्नोलॉजी का कमाल और लाखों यूज़र्स का डेटा काम कर रहा है – वो भी बिना आपकी पहचान उजागर किए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हो सकता है आप चूक गए हों