Banke Bihari Mandir Corridor: अखिलेश यादव का BJP पर तंज – “अब ये भारतीय जमीनी पार्टी बन गई है”
Akhilesh Yadav
वृंदावन कॉरिडोर को लेकर अखिलेश का हमला, बोले – जमीन कब्जाने की हो रही साजिश वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर सियासत गरमाती जा रही है।
नई दिल्ली, पंचखबर डेस्क। वृंदावन कॉरिडोर को लेकर अखिलेश का हमला, बोले – जमीन कब्जाने की हो रही साजिश वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर सियासत गरमाती जा रही है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को घेरते हुए तीखा हमला बोला। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अखिलेश ने कहा, “BJP अब भारतीय जनता पार्टी नहीं, बल्कि भारतीय जमीनी पार्टी बन गई है। जहां जमीन दिखती है, वहां कब्जा कर लेती है।
बांके बिहारी कॉरिडोर पर अखिलेश यादव का विरोध
अखिलेश यादव ने कहा कि वृंदावन में प्रस्तावित बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर के नाम पर सरकार जमीन कब्जाने की साजिश रच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना मंदिर के चंदे और जमीन पर कब्जा करने का जरिया बन रही है। स्थानीय लोग इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं। BJP सरकार आस्था के नाम पर लोगों की जमीन हड़पने की कोशिश कर रही है।
अयोध्या में जमीन घोटाले का आरोप
अखिलेश यादव ने अयोध्या को लेकर भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा, वहां किसानों की जमीन सस्ते में खरीदी गई और महंगे में बेची गई। बीजेपी नेताओं और अधिकारियों ने मिलकर लूटपाट मचाई है। किसानों को उचित मुआवजा तक नहीं दिया गया। इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया जाएगा। अखिलेश ने बनारस की गलियों में पुराने मंदिरों के तोड़े जाने का आरोप लगाते हुए कहा –“इतने मंदिर शायद ही किसी ने तोड़े होंगे, जितने BJP ने बनारस में तोड़े हैं।” उन्होंने जनता से अपील की कि वो जमीनी हकीकत की खुद जांच करें।
विरासत बचाने की सलाह
अखिलेश ने BJP को सलाह दी कि वो अपनी विरासत की रक्षा करे, न कि सिर्फ प्रोजेक्ट और योजनाओं के नाम पर लोगों को नुकसान पहुंचाए। उन्होंने यूरोप के देशों जैसे फ्रांस, वेनिस, इंग्लैंड का उदाहरण देते हुए कहा वहाँ पुरानी गलियों और ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित किया गया है। बीजेपी को भी चाहिए कि वो धरोहरों को बचाने का काम करे, न कि तोड़ने का। बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर यूपी में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। एक तरफ सरकार इसे भक्तों की सुविधा के लिए जरूरी बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे साजिश करार देकर सड़क से सदन तक आवाज उठाने की तैयारी में है।
