Nirmala Sitharaman Saree: 9 साल में बजट के साथ बदला निर्मला सीतारमण की साड़ी का रंग, हर साल दिया संस्कृति का संदेश

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Finance Minister Saree Style

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब भी संसद में बजट पेश करती हैं, तो देश की निगाहें सिर्फ आंकड़ों और घोषणाओं पर ही नहीं, बल्कि उनकी साड़ी पर भी टिकी रहती हैं।

नई दिल्ली,पंचखबर डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब भी संसद में बजट पेश करती हैं, तो देश की निगाहें सिर्फ आंकड़ों और घोषणाओं पर ही नहीं, बल्कि उनकी साड़ी पर भी टिकी रहती हैं। 2019 से लेकर अब तक हर बजट के दिन उन्होंने भारत के अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक और हैंडलूम साड़ियां पहनकर भारतीय कारीगरों और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान दिया है। उनकी साड़ी सिर्फ पहनावा नहीं, बल्कि हर साल एक खास संदेश देती नजर आई है।

2019: पहले बजट में गुलाबी मंगलगिरी साड़ी

साल 2019 में अपने पहले यूनियन बजट के दौरान निर्मला सीतारमण ने सुनहरे बॉर्डर वाली गुलाबी मंगलगिरी साड़ी पहनी थी। आंध्र प्रदेश की यह साड़ी हल्के वजन और बारीक बुनाई के लिए जानी जाती है। यह उनके सादगी भरे लेकिन प्रभावशाली अंदाज़ की शुरुआत थी।

2020: पीली सिल्क साड़ी में दिखी उम्मीद

2020 के बजट के दिन वित्त मंत्री पीले रंग की सिल्क साड़ी में नजर आईं, जिसके बॉर्डर पर हरे रंग की कारीगरी थी। पीला रंग शुभता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है, जो उस समय की आर्थिक उम्मीदों को दर्शाता था।

2021: पोचमपल्ली साड़ी में तेलंगाना की झलक

2021 में उन्होंने लाल और ऑफ-व्हाइट रंग की सिल्क पोचमपल्ली साड़ी पहनी। हरे बॉर्डर और इकत डिजाइन वाली यह साड़ी तेलंगाना की पारंपरिक पहचान मानी जाती है।

2022: ओडिशा की बोंमकाई साड़ी

2022 के बजट में निर्मला सीतारमण ओडिशा की पारंपरिक बोंमकाई साड़ी में नजर आईं। रस्ट ब्राउन रंग और ऑफ-व्हाइट बॉर्डर वाली इस साड़ी ने राज्य की समृद्ध बुनाई कला को देश के सामने रखा।

2023: टेम्पल बॉर्डर साड़ी में परंपरा की छाप

2023 के बजट के दौरान वित्त मंत्री ने लाल और काले रंग की टेम्पल बॉर्डर साड़ी पहनी, जिसमें कसुती धागे का सुंदर काम था। यह डिजाइन भारतीय मंदिर वास्तुकला से प्रेरित मानी जाती है।

हर साड़ी के साथ जुड़ा एक संदेश

निर्मला सीतारमण की बजट साड़ियां सिर्फ फैशन का हिस्सा नहीं हैं। इनके जरिए वे हर साल किसी न किसी राज्य की हथकरघा परंपरा, स्थानीय कारीगरों और वोकल फॉर लोकल की सोच को आगे बढ़ाती दिखती हैं। बीते 9 सालों में वित्त मंत्री की साड़ी बजट डे की एक खास पहचान बन चुकी है। यह परंपरा न सिर्फ भारतीय संस्कृति को सम्मान देती है, बल्कि हैंडलूम उद्योग को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाती है।

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