Union Budget 2026: बजट से पहले राष्ट्रपति का ‘दही-चीनी’ शगुन, क्या छुपा है इसके पीछे शुभ संकेत?
Dahi Chini
Union Budget 2026: आज बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वित्त मंत्री को दही-चीनी खिलाया, जिसकी फोटो वायरल हो रही है. जानिए शुभ काम करने से पहले दही-चीनी खिलाने के पीछे का कारण?
नई दिल्ली, पंचखबर डेस्क: 1 फरवरी 2026 सिर्फ बजट पेश करने की तारीख नहीं है, बल्कि यह दिन भारत के आर्थिक भविष्य की दिशा तय करने वाला भी माना जाता है। ऐसे अहम मौके से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दही-चीनी खिलाने की तस्वीर सामने आई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इसके साथ ही लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर इस परंपरा का मतलब क्या है और इसका बजट से क्या संबंध है?
भारतीय परंपरा में किसी भी शुभ या बड़े कार्य से पहले दही-चीनी खाना शुभ संकेत माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दही-चीनी बाधाओं को दूर करती है और काम में सफलता दिलाती है। यात्रा पर निकलने या किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले यह शगुन आज भी घर-घर में निभाया जाता है।
ज्योतिष शास्त्र में दही को चंद्र तत्व से जोड़ा जाता है, जो मन की शांति, स्थिरता और भावनात्मक संतुलन का प्रतीक है। वहीं चीनी का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है, जो सुख, समृद्धि और भौतिक वैभव का कारक है। दोनों का एक साथ सेवन यह संकेत देता है कि आने वाले फैसलों में कठोरता के साथ-साथ संतुलन और जनकल्याण भी बना रहे।
ज्योतिषीय नजरिए से बजट के दिन ग्रहों की स्थिति को भी अहम माना जाता है। सूर्य सरकार और सत्ता का प्रतीक है, बुध वित्त और व्यापार से जुड़ा है, जबकि बृहस्पति नीति, विकास और विस्तार का कारक माना जाता है। ऐसे में शुभ ग्रह स्थिति के बीच बजट पेश होना आर्थिक ग्रोथ, निवेश और रोजगार के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है। दही-चीनी का शगुन इन्हीं ग्रह ऊर्जाओं को संतुलित करने का प्रतीक है।
राष्ट्रपति भवन में निभाई गई यह परंपरा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि राजसी और सांकेतिक अनुष्ठान भी मानी जाती है। राष्ट्रपति राष्ट्र की शक्ति का प्रतीक हैं और वित्त मंत्री देश की आर्थिक नीतियों की सूत्रधार। दोनों का इस शगुन के जरिए एक साथ आना यह संदेश देता है कि शक्ति और नीति, दोनों का लक्ष्य राष्ट्र की समृद्धि है।
कुल मिलाकर, दही-चीनी का यह छोटा सा शगुन भारतीय संस्कृति की उस सोच को दर्शाता है, जहां बड़े से बड़े फैसले भी सकारात्मक ऊर्जा और शुभ संकेतों के साथ लिए जाते हैं। आस्था हो या परंपरा, देश के करोड़ों लोगों को उम्मीद है कि Budget 2026 भी इसी शुभ भावना के साथ आम जनता के हित में साबित होगा।
